ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां के ठाकुर्ली इलाके से महाराष्ट्र एटीएस ने एक 10 लाख के इनामी नक्सली को गिरफ्तार किया है। ये नक्सली झारखंड के जंगलों का रहने वाला है और सूत्रों के मुताबिक, बीते 10 दिनों से ठाकुर्ली में रह रहा था।
झारखंड सरकार ने रखा था इनाम संजय सरोज यादव उर्फ संजय गोदराय उर्फ बुधराम के रूप में हुई है। इसकी उम्र 45 साल है। इस नक्सल पर 10 लाख रुपये का इनाम झारखंड सरकार ने रखा था। आरोपी को आज ATS कोर्ट में पेश करेगी।
यह नक्सली महाराष्ट्र में क्या कर रहा था और क्यों आया था, इसकी जांच की जा रही है।
सितंबर 2026 में मारा गया था 30 लाख का इनामी नक्सली
इससे पहले यूपी के वाराणसी में 30 लाख का इनामी नक्सली मुठभेड़ के दौरान ढेर हुआ था। इनामी नक्सली की पहचान बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह के रूप में हुई थी और वह झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) का कमांडर था। उसे 8 साल पहले NIA ने टेरर फंडिंग केस में वांटेड घोषित किया था।
सितंबर 2026 में मारा गया था 30 लाख का इनामी नक्सली
इससे पहले यूपी के वाराणसी में 30 लाख का इनामी नक्सली मुठभेड़ के दौरान ढेर हुआ था। इनामी नक्सली की पहचान बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह के रूप में हुई थी और वह झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) का कमांडर था। उसे 8 साल पहले NIA ने टेरर फंडिंग केस में वांटेड घोषित किया था।
नक्सली कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह पर झारखंड सरकार द्वारा 25 लाख रुपए का इनाम घोषित था। वहीं NIA द्वारा 5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। इस तरह नक्सली कमांडर पर कुल 30 लाख रुपए का इनाम घोषित था। बृजेश गंझू के साथ मुठभेड़ इतनी जबरदस्त थी कि DSP और हेड कांस्टेबल बाल-बाल बचे थे।
गौरतलब है कि एक समय देश में नक्सलवाद एक बड़ी समस्या थी लेकिन इसके बाद नक्सलियों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया और उन्हें घर वापसी का मौका दिया गया। जो नक्सली नहीं माने उन्हें ढेर कर दिया गया और जो मान गए, उन्हें घर वापसी करवाकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ा गया।
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